Green Energy सेक्टर की कंपनी Waaree Energies ने आंध्र प्रदेश सरकार और कुछ अन्य राज्यों के साथ एक बड़ी लिथियम-आयन बैटरी फैक्ट्री लगाने के लिए बातचीत शुरू की है। यह प्लान इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को तेज करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
16–20 गीगावॉट की बैटरी गीगा फैक्ट्री की तैयारी
Waaree Energies 16 से 20 गीगावॉट क्षमता वाली एडवांस लिथियम-आयन बैटरी और बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) बनाने वाली गीगा फैक्ट्री स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इन बैटरियों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर–विंड प्रोजेक्ट्स से बनने वाली बिजली को स्टोर करने के लिए किया जाएगा। यह फैक्ट्री बैटरी सेल, बैटरी पैक और बड़े स्केल के स्टोरेज सिस्टम, तीनों का प्रोडक्शन करेगी जिससे वैल्यू चेन काफी हद तक देश के भीतर ही रहेगी।
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₹8000 करोड़ से अधिक का निवेश और क्षमता विस्तार
Waaree Energies अपनी 100% सहायक कंपनी Waaree Energy Storage Solutions Pvt. Ltd. के जरिए इस प्रोजेक्ट में करीब 8,000 करोड़ रुपये तक निवेश की योजना बना रही है। कंपनी की मौजूदा बैटरी प्रोडक्शन कैपेसिटी लगभग 3.5 गीगावॉट-घंटा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 20 गीगावॉट-घंटा तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स इस विस्तार प्लान को 1 अक्टूबर 2025 को ही मंजूरी दे चुके हैं, जिसके बाद प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है।
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आंध्र प्रदेश सरकार की मंजूरी और प्रोजेक्ट लोकेशन
रिपोर्ट के मुताबिक, यह गीगा फैक्ट्री आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले के रामबिल्ली इलाके में लगाई जाएगी, जहां करीब 16 गीगावॉट क्षमता की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनने की तैयारी है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 8,175 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है और आंध्र प्रदेश स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) ने इसे प्रारंभिक मंजूरी दे दी है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू कर रहे हैं। राज्य मंत्री नारा लोकेश ने इसे भारत का सबसे बड़ा और फुली इंटीग्रेटेड बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बताया है।
रोजगार, शेयर प्राइस और मार्केट में रुझान
Waaree Energies के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से लगभग 3,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार इससे अलग होगा। खबर सामने आने के बाद शुक्रवार के सत्र में Waaree Energies का शेयर 1% से ज्यादा उछलकर करीब 2,915 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जो निवेशकों के बढ़ते उत्साह को दिखाता है। रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज की तेज़ मांग के बीच ऐसा मेगा प्रोजेक्ट इस सेक्टर में अगली ग्रोथ वेव तैयार कर सकता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






