Big Order News : ₹2,500 करोड़ के ऑर्डर से चर्चा में कंपनी! 3 साल में 66% रिटर्न, अब नजर रखें….

Big Order News : इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी हाल ही में फिर सुर्खियों में है, क्योंकि कंपनी को भारत में ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ की रेंज वाले नए घरेलू ऑर्डर मिले हैं। यह ऑर्डर कंपनी के बिल्डिंग्स एंड फैक्ट्रीज बिजनेस वर्टिकल को देश के अलग–अलग राज्यों से मिले हैं, जिन्हें कंपनी अपनी ऑर्डर कैटेगरी में ‘सिग्निफिकेंट’ यानी महत्वपूर्ण श्रेणी में रखती है।

कौन–कौन से प्रोजेक्ट के लिए मिले ऑर्डर

L&T को गुजरात में एक बड़े फ्लोट ग्लास प्लांट के निर्माण का काम मिला है, जिसमें सिविल, स्टील, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग जैसे सभी मेजर इंजीनियरिंग वर्क शामिल हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में एक प्रमुख टू–व्हीलर निर्माता कंपनी के लिए नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार करने का ऑर्डर भी L&T को मिला है। साथ ही कंपनी ने यह भी बताया है कि पहले से चल रहे कई प्रोजेक्ट्स में उसे अतिरिक्त यानी एड–ऑन ऑर्डर भी हासिल हुए हैं, जिससे पाइपलाइन और मजबूत हुई है।

Read More : गिरते बाजार में चमका Solar Stock ! 8% उछाल, 3 दिन से जारी खरीदारी…

शेयर प्राइस पर तुरंत मिला मिला–जुला रिएक्शन

इतने बड़े ऑर्डर के ऐलान के बावजूद 27 मार्च 2026 को L&T का शेयर इंट्रा–डे में करीब 3 फीसदी तक टूटा और सुबह करीब 10 बजे यह लगभग ₹3,562.8 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखा। पिछले एक महीने में स्टॉक लगभग 16.8 फीसदी गिर चुका है, जो ग्लोबल अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर दिखाता है। दिलचस्प बात यह है कि लंबी अवधि में शेयर ने दम दिखाया है और पिछले 3 साल में तकरीबन 66 फीसदी रिटर्न दे चुका है, यानी लॉन्ग–टर्म निवेशकों के लिए यह अब भी वैल्यू क्रिएट करने वाला स्टॉक साबित हुआ है।

Read More : शिपबिल्डिंग सेक्टर में बड़ा मौका! ₹70,000 करोड़ के बूस्ट से Mazagon Dock Shipbuilders समेत 3 शेयर फोकस में

पश्चिम एशिया एक्सपोजर और जोखिम की चिंता

L&T की कुल ऑर्डर बुक का लगभग 49 फीसदी हिस्सा इंटरनेशनल बिजनेस से आता है और इसमें से 80 फीसदी से ज्यादा ऑर्डर सऊदी अरब, यूएई और खाड़ी देशों जैसे पश्चिम एशिया के बाजारों से जुड़े हैं। इसी हाई एक्सपोजर की वजह से ईरान–अमेरिका–इज़राइल टकराव और वेस्ट एशिया में बढ़ती तल्खी निवेशकों को चिंतित कर रही है। कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल उसके पश्चिम एशिया में करीब 100 ऑपरेटिंग साइट्स में से लगभग 95 फीसदी प्रोजेक्ट सामान्य रूप से चल रहे हैं और सिर्फ करीब 5 फीसदी साइट्स पर दिक्कत या बाधा की स्थिति है, लेकिन फिर भी सेंटिमेंट पर दबाव बना हुआ है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।​